Price Action

Price Action – हम जब भी कोई चार्ट देखेंगे तो हमें यह mind set कर लेना हैं की हम प्राइस के behavior को देख रहें हैं ना की candle stick को |

Basic chart type

chart_types

Previous day high & Previous day low

privious-day-high-and-P-D-Low

Global Market – google serch -global market money control पर आ जाएगा

  • US MARKETS
  • EUROPEAN MARKETS
  • ASIAN MARKETS

Global market मैं कोई बहुत बड़ा event या कोई news होती हैं तो ये सब market green या red मिलेंगे , कम से कम 1 या 2 % से ज्यादा बड़े हुए या उतरे हुए मिलेंगे नहीं तो हम stable मानेंगे |

बड़ा event होगा तो मार्केट की range बड़ेगी |उस वक्त sl भी बड़ा लगाना पड़ेगा |

 

Trade जब हम लेते हैं तो –

Market मैं दो चीजों पर trade लिया जाता हैं risk to reward , यहाँ risk हमारे control मैं होता हैं और reward को हम market पर छोड़ते हैं |, कोई भी trade हम लेते हैं तो हमें stoploss पता होता हैं | यह हम candle को देखके decision लेंगे।

जब भी trade लेते हैं तो मार्केट हमें reversal sign देता हैं तो उसे हमें समझकर trade वहाँ exit कर देना हैं | और यदि मार्केट हमारी direction मैं move कर रहा हैं तो वहाँ हमें profit बड़ाना भी आना चाहियें |

क्यों को हमेशा losses छोटे होने चाहियें और प्रॉफ़िट बड़े होना चाहियें | जब की लोग losses बड़े करते हैं ओर profit जल्दी जल्दी book कर लेते हैं |

 

WRC (WIDE RANGE CANDLE) candle क्या हैं –

WRC bullish Candle बड़ी दूसरी candle की बजाय बहुत बड़ी होती हैं और इसके जो week होते हैं वह बहुत छोटे होते हैं , WRC bullish Candle अपने Low के बिल्कुल पास मैं open और अपने high के बिल्कुल पास मैं close होती हैं |

WRC bearish Candle बड़ी दूसरी candle की बजाय बहुत बड़ी होती हैं और इसके जो week होते हैं वह बहुत छोटे होते हैं , WRC bearish Candle अपने Low के बिल्कुल पास मैं open और अपने high के बिल्कुल पास मैं close होती हैं |

WRC Candle को पहचानना –

wrc

15 minute chart

कोन-सी WRC candle को importance देना हैं – कौन सी bullish WRC Useful होती हैं , कौन सी bearish WRC useful होती हैं |

 

Useful bullish WRC – जो bullish WRC previous day high (PDH) को proper तरीके से break करें | उसे हम Useful bullish WRC कहते हैं |

Useful bearish WRC – जो bearish WRC previous day low (PDL) को proper तरीके से break करें | उसे हम Useful bearish WRC कहते हैं |

Userful_bearish_WRC1

Swing Trading के लिए time frame last week का high और low mark कर लेंगे और वह 1 hrs time frame पर WRC से break होना चाहियें | ऊपर मैं bullish wrc से break हुआ तो trend continuous और नीचे से bearish wrc से break हुआ तो down trend continuous के chances ज्यादा होंगे |

Trading के तीन पहलू (aspects)

  • Trend initiations – trend start होना means एक range मे था और अचानक से एक बड़ी wrc candle आ जाती हैं तो वह बताएगी की trend अब start हो रहा हैं जैसे bullish wrc आयी तो अब ऊपर का trend बना |
  • Trend continuation थोड़ा नीचे आकर वापस से bullish wrc बनी और trend continue ऊपर गया
  • Trend reversal trend upper मे था और अचानक से bearish wrc बनी तो ये trend reversal का sign होगा ये bearish wrc candle अचानक से भी बन सकती हैं और consolidation करने के बाद भी बन सकती हैं

 तीन प्रकार के trend

Higher high  , lower low, sideways

trend-three

Structure Reading and Multiple time frame

Price action के ये 3 गहने होते हैं –

trend

  1. Structure –     UPTREND        DOWNTREND      SIDEWAYS
  2. Space –     RISK : REWARD
  3. Volume –     Participation (Analyzing Behavior of Institutions )

[ संस्थानों के व्यवहार का विश्लेषण ]

 

  1. Structure

6 variations हैं Trend के भी –

  • Uptrend      से suddenly       Downtrend
  • Uptrend          Sideways       Uptrend
  • Uptrend          Sideways       Downtrend
  • Downtrend से suddenly       Uptrend
  • Downtrend     Sideways       Downtrend
  • Downtrend     Sideways       Uptrend

Heikin Ashi भी एक अच्छा tool हैं जो market के trend को बताने में मदद करता हैं |

 

  1. Space

RISK हमे कितनी लेना हैं – intraday मैं 1% से कम का ही risk रखें मतलब SL रखें | Swing Trading में maximum 3% तक का sl रखें इससे ज्यादा का नहीं | Positional मैं हमेशा maximum 5% तक का risk (Stoploss) रखें |

 

  1. Volume

institution के participation को हमें देखना हैं वह हमें wrc candle से पता लगेगा | उससे मार्केट का trend पता करेंगे |

MTF(Multiple Time Frame) हम use करेंगे –

Time Frames Ananysis Execution
INTRADAY 1 hr 15 min 5 min
SWING

(Less than Week)

Daily 1 hr 15 min
POSITIONAL Weekly Daily 1 hr

Golden Time Frame – 1 hr

Weekly पिछले 1 से 2 साल का data analysis करेंगें |

Daily – पिछले 6 months से 1 साल तक का data analysis करेंगें |

1 hr – last 3 months का data analysis करेंगें |

 

Weekly Timeframe – Heikin Ashi candle चार्ट मे lower high और higher low को mark करना nifty का चार्ट weekly timeframe पर last 2 year पर analysis

weekly-mark-structure

Daily Timeframe – Heikin Ashi candle चार्ट मे lower high और higher low को mark करना Reliance का चार्ट Daily timeframe पर last 6 months पर analysis

Daily_Timeframe

यहाँ Heikin Ashi से तो यह तो पता लग जाता ही की higher low को break कर देता ही तो trend revesal हो जाता हैं लेकिन उस जगह को mark करके check करना हैं की candle stick मे क्या उसी जगह पर WRC बनी हो तो डबल conformation मिल जाएगा की trend reverse होगा ही होगा क्यों की वहाँ institution की participation आ गया हैं जो एक अच्छी रैली हमें देगा |

Importance हैं lower high का downtrend मैं और higher low का uptrend मे

Trading के लिए stock selection Trading करने के लिए 5 से ज्यादा stock select ना करें , 5 या 5 से कम स्टॉक ही watchlist मैं रखें और index इन मे ही trading करना हैं |

 

Supply / Demand concept

Supply zone वह होता हैं जहां seller जो हे वह buyer से ज्यादा हो जाते हैं market मैं| market वहाँ से एक fall देता हैं (Seller>buyer)

Demand zone वह होता हैं जहां Buyer जो हे वह Seller से ज्यादा हो जाते हैं market मैं| market वहाँ से एक rally देता हैं (Buyer>Seller)

supply-demand-basic

Base Formation इससे supply और demand zone proper terms मे identify कर सकते हैं | market एक area मे रुकता हे और उसके बाद एक बड़ा move देता हैं |

Stoploss Hunting – Supply और Demand Zone में कई बार sl भी hunt होते हैं ये area बहुत volatile होता हैं, market कई बार जैसे supply zone से down मे fall किया, फिर वह ऊपर आकर supply zone मे एक week बना देता हैं |जिससे sl hit हो जाता हैं और week player बाहर हो जाते हैं |

stop short position

 

Trend Continuous base –

trend-continuous-base

जब भी मार्केट एक range में होता हैं तो एक drop आने से पहले या एक rally आने से पहले जो base बनता हैं उसमें low volume हो जाता हैं | और candle के size भी बहुत reduse होना चालू हो जाते हैं, maket जब भी एक base formation मे जाता हैं तो हमें यह समझ जाना हैं की वह एक next stage के लिए prepare हो रहा हैं  |

Sideways market मैं low volume सामान्यतः होता हैं और volume हमें वहाँ मिलते हैं जहां हमने zone mark कर रखा हैं उसके up या down level को candle touch करते ही volume आना चालू हो जाते हैं |

volume-on-touch

Base Formation Conditionएक zone के अंदर market में >=3 यानि उस ज़ोन मे मार्केट 3 या 3 से ज्यादा बार उस zone में ऊपर या नीचे टच करें उसके बाद मैं एक WRC candle से break out या break down दे तो वहाँ हमें एक अच्छा move देखने को मिलेगा यही base formation होता हैं

SWING / POSITIONAL Trading System –  

RANGE EXPANSION – BASE BUILDING (REBB) CONCEPT –

बेस बिल्डिंग बनने के बाद जो भी WRC candle से break out या break down होता हैं तो conservative trader के लिए entry point

Ex.-nifty में previous day high and previous day low mark किया और फिर 1 hrs time में base building draw करें फिर हमने देखा WRC केसे RANGE EXPANSION BASE BUILDING को break कर रही हैं फिर trade लेना हैं |

base_building

Previous day high और previous day low को मार्क करके रखना हैं base building बनने देना हे और जब PDH और PDL को यह WRC candle से ब्रेक करके निकले तो वहाँ enter करना हैं

MA Indicator 50 days और 200 days का moving average लगाया अगर बेस बिल्डिंग  50 days moving average के ऊपर बनता हैं तो वहाँ WRC Candle ऊपर break करने के chances ज्यादा होंगे और नीचे BB बनता हैं तो नीचे break होने की probability ज्यादा होगी |

REBB_with_moving_average

INTRADAY TRADING SYSTEM –

Low Risk High Reward का सेटअप कैसे करें –

Intraday हम lesses time frame पर करते हैं वहाँ market का variation बहुत होता हैं कभी ऊपर जाएगा तो अचानक से नीचे आ जाएगा intraday मे हम 15 min ओर 5 min पर वर्क करते हैं

Timing sessions Three phase of market

  1. 9:15AM –     11AM
  2. 11AM –     12PM
  3. 12PM –     3:15PM

Setup 1    Trend Second Phase Entry

Setup 2   Reversal Market Trapes

  • Market Trap by Fake Range Expansion
  • SL Hunting before Reversal

 

Setup 1 (Trend Second Phase Entry)

  1. Time Frame – 15 min
  2. Timing Session – 2 & 3
  3. Logic – market में 2nd session जब start हुआ हैं means after 11am entry लेना हैं (currency market open,equity market open, 12:00 तक commodity भी open )

यहाँ हमे देखना हैं की last day high के ऊपर market trade कर रहा हैं की last day low के नीचे market ट्रैड कर रहा हैं ,यदि previous day high के ऊपर ट्रैड कर रहा हैं या low के नीचे trade कर रहा हैं तो उस stock मैं institution का participation हैं  फिर range expansion base building को mark करना हैं ओर जो WRC candle इसे break करेगी वहाँ Entry मिलेगी |

logic_11am

  1. Risk Management

INDIA VIX > 20 तो risk 1.5% से कम का लेना हैं

INDIA VIX < 20 तो risk 1% या इससे कम का लेना हैं

 

Sl वहाँ रखेँगे जहां से base building start हुआ हैं base building को WRC candle break करती हैं तो वहाँ से entry लेना हैं और वहीं से base building के bottom तक एक price range line tool के माध्यम से बनाएंगे ओर देखेंगे की कितना percentage का sl आ रहा हैं ये 1% से कम होना चाहियें , जैसे ही एक candle ओर ऊपर निकल जाती हैं तो  sl को trail करके coast पर रख देंगे , यदि कोई trendline बनती हैं तो उसके हिसाब से भी sl trail कर सकते हैं और हम resistance और support line draw करके अपना target set कर सकते हैं |  या target के लिए Heikin Ashi candle का chart 5 min का देख सकते हैं उस हिसाब से trend में जहां भी candle का color change हो वह target बन जाएगा

 

Setup 2 –

Market Trap by Fake Range Expansion   SL Hunting –

step

GAP CONCEPT and Trading Setup –

Real and Fake Gap मे difference –

Gap के बाद मार्केट candle कितनी बड़ी बनाता हैं उससे पता लगेगा की यह gap Real हैं या Fake हैं |

Real GAP –

  1. Gap UP – Previous Day High(PDH) के ऊपर market GAP UP के साथ open हुआ| और पहला बनने वाला 15 मिनट का पूरा candle PDH के ऊपर होना चाहियें | वह Real Gap UP हैं |
  2. Gap DOWN – Previous Day Low(PDL) के नीचे market GAP DOWN के साथ open हुआ| और पहला बनने वाला 15 मिनट का पूरा candle PDL के नीचे होना चाहियें | वह Real Gap Down हैं | real_gap
  3. Fake Gap – मार्केट मैं Gap UP या Gap DOWN, previous day high या previous day low के अंदर ही हो गया हैं , और 15 मिनट की candle उसकें अंदर ही बन गई हैं पूरी candle बाहर बनना चाहियें| तो वह एक FAKE GAP कहलाएंगा|  fake_gap
  4. Market में GAPS क्यों होतें हैं –
  • Global Markets volatile हो जाते हैं overnight तो
  • कोई EVENT OVERNIGHT होता हैं तो
  • Market मैं एक दिन पहले बहुत fast move या impulsive move आ जाता हैं तो भी GAP के साथ open होने के chance होते हैं|

Gap का trading setup  – जो Real Gap होते हैं उनमे ही ये Gap का trading setup applicable होगा  |

मानलों मार्केट gap up open हुआ तो जरूरी नहीं की वह ऊपर ही जाएंगा, trading  setup करके देखते हैं| वह Real Gap के साथ open हुआ हैं PDH के ऊपर open हुआ और 15 मिनट का candle भी PDH के ऊपर ही बनी , अब हमें इस 1st 15 मिनट की candle के high और low को mark करना हैं |

इस 15 मीनट की candle का Top यदि break हुआ WRC से तो वह trend कॉन्टिनु करेंगा, sl हमेशा इस 15 मिनट की candle के low या high का रहेंगा | और target हम heikin ashi मैं 5 मिनट के चार्ट के ऊपर candle के color change होने तक का ले सकते हैं या resistance ओर support तक का ले सकते हैं |

gap trading setup

Stock Selection Technique –

  • कई लोग stock selection के लियें in, chartink.com, यह use करते हैं जहां volume,price,gainer आदि filter कर करते हैं और stock choose कर लेते हैं |
  • Fixed Watchlist – 15 से 20 stock की लिस्ट बना लेते हैं daily एक दिन पहले उसमें setup मिल रहा हें तो उसमे ट्रैडिंग करते हैं

Professional Trader क्या करते हैं – जो analyst होते हैं जिसको एक system दिया जाता हैं और वो वहाँ से order punch करता हैं, वे लोग एक basket मैं काम करते हैं जैसे किसी एक या दो sector मैं काम करते हैं उनकी watchlist बनाते हैं इसलिए setup हमेशा limited stock का होना चाहिए एक अच्छा return निकालना हैं तो

हमें दो या एक चीज सिखना हें जिसका हमें result मिलें | पैसा specialization का मिलता हैं न की generalization का | जैसे एक डॉक्टर हैं specialization किसी एक चीज का तो वह genral डॉक्टर से ज्यादा पैसा कमाएंगा|

 

Fixed Stock List हम स्टॉक की fixed list बनाएंगे और वहाँ setup करके price पर alert लगा कर रख देंगे जिससे हमें बार बार चार्ट को ना देखना पड़ें |

 

Stock for Swing and Intraday Trading –

Before Market Opens– Next day के लिए होंगे ये सिर्फ 4 से 5 स्टॉक लेना हैं| market start होने से पहले stock में हमने देखना हैं

  1. एक वे स्टॉक रहेंगे जो दिन ट्रेंड में रहेंगा up trend या down trend
  2. एक वे स्टॉक रहेंगे जो First half up Trend मैं रहेगा और second half selling करके बीच मैं कही बंद होगा |
  3. एक वे स्टॉक रहेंगे जो पूरे दिन sideways रहेगा |

ऐसे stock select करें जो –

  • ऐसे stock जो previous day high के ऊपर हो और उनकी closing भी day high के आस पास हो रही हो और जो up trend मैं हो |
  • ऐसे stock जो previous day low के नीचे आ गए हो और उनकी closing भी day low के आस पास हो रही हो और जो down trend मैं हो |
  • स्टॉक का price previous day high और previous day low के अंदर नहीं आना चाहियें अंदर आया और close हुआ तो उस स्टॉक को select नहीं करेंगे वह

befor_market_stock_select_mark

Live Market

  • Stock Sector Correlation – Stock जिस sector का हें उस sector के index को भी देखेंगे की उसके जैसा चार्ट बन रहा हैं की नहीं जैसे TCS के चार्ट के साथ Nifty IT का भी देखेंगे | nifty it भलेही PDH और PDL के अंदर हो लेकिन उसका चार्ट TCS जैसा होना चाहियें जिससे डबल conformation मिल जाएंगा |  live_stock_with_sector live_stock_with_sector2
  • 11 बजे तक REBB setup को ढूँढना
  • Fake Breakout & Reversal Setup –

live_Reversal_Setup

 Option Buying and selling setup –

Option हमें index में करनी हैं और जैसे nifty का chart open किया इसमें indicator लगाया –

  • VWAP . यह vwap Option मैं ज्यादा important होता हैं , क्यों की यह delta expantion और time delay से मिलकर बंता हैं|
  • 50 days Exponential moving average भी लगाना हैं
  1. Option Buying (15 मिनट चार्ट) –
    1. Market PDH के ऊपर और PDL के नीचे break कर रहा हैं तो वहा option buying(call/put में) होगी यदि option previous day vwap की closing के ऊपर trade कर रहे हैं वहाँ हमें buying करना हैं और 50 days EMA के भी ऊपर हे तो जल्द ही वहाँ से ऊपर रैली देखने को मिलेगी |
    2. Range Expansion Base Building (REBB) Setup के ब्रेक होने से हमें trend पता लग जाएगा |
  2. Call/Put option के strike price में जो हमने vwap लगाया हैं वह previous day vwap के ऊपर होना चाहियें और 50 days EMA के ऊपर होना चाहियें | जिससे delta strong हो जाएगा और decay नहीं होगी प्रीमियम
  3. Option buying in sideways market – sideways market में volatile swings आने की वजह से बड़े बड़े मूव आने मैं कमी हो जाती हैं | यहाँ पर मार्केट PDH और PDL के बीच मैं भी हो सकता हैं | एसी जगह ट्रैड नहीं करें |

Strike Price कैसे सिलेक्ट करें –

  1. Delta 0.3 से ज्यादा होना चाहियें option buying के लियें , option chain मैं यह हम देख सकते हैं Quantsapp मैं जाएंगें option chain खुलेगा , यहाँ हम premium के नीचे delta देख सकते हैं जिस strike price का premium 0.3 से ज्यादा होगा उसी में trade करेंगे |
  2. Option Selling करना हो तो चाहे वह call sell करना हो या put sell करना हो तो delta 0.2 से कम होना चाहियें |

options setup